जागरण संवाददाता, ऊना : श्रीराधाकृष्ण मंदिर कोटलाकलां में वीरवार को संक्रांति पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में उपस्थिति दर्ज करवाई।
इस मौके पर मंदिर के संस्थापक बाबा बाल महाराज ने कहा, गुरुजनों की पूजा से जीवन सफल होता है। कलिकाल में प्रभु के लिए सेवा और सिमरन दो सरल उपाय हैं। सबसे पहली सेवा माता-पिता की, क्योंकि माता-पिता देवता समान हैं। माता जगती का पहला कारण है। हर माता-पिता अपनी संतान का लाड-प्यार से पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समा
source: Jagran
Full Story at: http://www.jagran.com/himachal-pradesh/una-10215465.html
No comments:
Post a Comment