
आयुर्वेदविभाग सोलन द्वारा आईटीआई सोलन में पांच दिवसीय नि:शुल्क योग एवं जीवन शैली जागरुकता शिविर संपन्न हुआ। इसमें आईटीआई सोलन के छात्रों शिक्षकों ने भाग लिया। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. मंजेश शर्मा द्वारा प्रतिभागियों को योग, आयुर्वेद एवं प्राणायाम की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने अनुलोम विलोम भ्रामरी का अभ्यास करवाया। डॉ. मंजेश शर्मा ने योग को मन, आत्मा शरीर का मिलन बताते हुए कहा कि योग से केवल शारीरिक बल्कि मनुष्य मानसिक एवं आत्मिक रूप से भी स्वस्थ महसूस करता है। उन्होंने कहा कि योग, आसन एवं प्रणाम मात्र क्रियाएं नहीं हैं बल्कि यह हमारे जीवन को स्वस्थ रखने के लिए मजबूत स्तंभो का कार्य करते हैं। युवा पीढ़ी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज के इस भौतिकवादी समाज में युवा योग एवं प्राणायाम द्वारा स्वयं से एवं समाज से नशा, मानसिक तनाव, मोटापा इत्यादि रोगों को दूर कर एक स्वस्थ एवं सभ्य समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि योग से मनुष्य में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मानसिक तनाव आिद रोगों से लड़ने की...
^पूरी खबर पढ़े: source - Dainik Bhaskar
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