Monday, January 16, 2017

बेटी के लिए पूरे समाज के सामने खड़ी हुई भक्ति

खुदके लिए समझौता करने वाली भक्ति के लिए जब बात उसकी बेटी को हेसण बनाने की आती है तो वो पूरे समाज के सामने खड़ी हो जाती है। हम भले ही 21वीं सदी में हों लेकिन समाज में पुरुष मानसिकता हावी है। वो किसी भी कीमत पर स्त्री को स्वतंत्र नहीं होने देना चाहती है। इसी कारण भक्ति चाहते हुए भी समाज का सामना नहीं कर पाती। कहते हैं कि जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होता है और भक्ति का वही विश्वास अंत में उसका साथ देता है। बूढ़ी भक्ति की भूमिका प्रेरणा शर्मा ने अपनी अभिनय प्रतिभा की छाप दर्शकों पर छोड़ी। भक्ति की भूमिका दीपिका शर्मा, छोटी भक्ति की भूमिका शिल्पा शर्मा, भक्ति की मां की भूमिका सोनिया ठाकुर, कारदार की भूमिका विनेश, कारदारनी की भूमिका हेमा ठाकुर, पुजारी की अक्षदीप शर्मा, देउलू-1 की भूमिका वेदप्रकाश, देउलू-2 की भूमिका कार्तिक, कारदार की बेटी की भूमिका शैलजा, टीचर शिवानी चौहान, छोटी चंद्रा अक्षरा वर्मा, बड़ी चंद्रा चेतना शर्मा और प्रधान की भूमिका राहुल शर्मा ने बखूबी निभाई। सोलन में हेसण नाटक का मंचन करते कलाकार। सिटी रिपोर्टर | सोलन नगरपरिषद हॉल में रंगप्रिया...

पूरी खबर पढ़े >>
source: Dainik Bhaskar

No comments:

Post a Comment