मकलोडगंज — आधुनिक शिक्षा इनसान को भोजन एवं आश्रय उपलब्ध करवा सकती है, लेकिन वास्तविक खुशी से वंचित रखती है। वास्तविक खुशी एक-दूसरे के प्रति स्नेह एवं प्रेमभाव के आदान-प्रदान से ही हासिल की जा सकती है। यह बात गुरुवार को तिब्बती समुदाय के सर्वोच्च धार्मिक नेता दलाईलामा ने मकलोडगंज में कही। दलाईलामा टीसीवी स्कूल में तिब्बती युवा पीढ़ी के लिए आयोजित दो दिवसीय आध्यात्मिक कक्षाओं के पहले दिन के अवसर पर बोल रहे थे। दलाईलामा ने युवा पीढ़ी को सपे्रम रहने की सीख दी। धर्मगुरु ने कहा कि इन कक्षाओं के आयोजन का मुख्य मकसद तिब्बती युवा पीढ़ी में बौद्ध धर्म को लेकर जागरूकता पैदा करना है। मकलोडगंज के टीसीवी स्कूल में आयोजित इन दो दिवसीय आध्यात्मिक कक्षाओं के पहले दिन में प्रतिनिधियों समेत तकरीबन 2000 तिब्बती छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
source: DivyaHimachal
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