जागरण संवाददाता, शिमला
हिमाचल में आज भी गैर आबाद गांवों का वजूद कायम है। आपदा से बचने के लिए पीढ़ी दर पीढ़ी ऐसी परंपरा को हिमाचली सहेज रहे हैं। हर साल मौसम परिवर्तन के साथ ही ऐसी परंपरा जन्म लेती है और अनुकूल मौसम आने पर समेटी जाती है। शिमला जिला में यह प्रचलन सबसे ज्यादा है। सेकेंड होम के नाम से प्रचलित हिमाचल में इस परंपरा को कहीं दोघरी, कही दोची, ढोगरी व कंडे का नाम से गैर आबादी वाले गांवों को दिया जाता है। किन्नौर, लाहुल-स्पीति, चंबा, मंडी, कुल्लू में सैकड़ों परिवार ऐसी परंपरा को आ
source: Jagran
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