शिमला — साढ़े छह सौ करोड़ से अधिक घाटे की मार झेल रहे एचआरटीसी प्रबंधन ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। खुद को घाटे से उबारने के लिए निगम प्रबंधन सख्त कदम उठाने जा रहा है। निगम के 23 डिपुओं के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) व चार डिविजनल मैनेजर (डीएम) के टारगेट फिक्स कर दिए गए हैं। अधिकारियों को प्रति किलोमीटर आय व डीजल की खपत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हर डिपो के लिए यह टारगेट अलग-अलग होगा। निगम प्रबंधन हर माह अधिकारियों को दिए टारगेट व उसके अनुरूप हुए कार्यों की समीक्षा करेगा। तय टारगेट व उसके अनुरूप किए कार्य के आधार पर भविष्य में अधिकारियों की डिपुओं में नियुक्ति निर्भर करेगी। टारगेट पूरा न करने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को एचआरटीसी मुख्यालय शिमला में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। निगम के प्रबंध निदेशक ओंकार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में 23 डिपुओं के आरएम व चार डिवीजनों के डीएम ने भाग लिया। समीक्षा बैठक सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चली। इसमें निगम के हर कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे रूट-वाइज, कंडक्टर-वाइज इन्कम डाटा, वाहन वाइज, रूट वाइज, चालक वाइज, डीजल खपत और वाहनों में अन्य कल-पुर्जों की खपत के उपलब्ध आंकड़ों का अवलोकन कम्पयूटर की मदद से पुअर परफार्मेंस के लिए दोषी कर्मचारी की पहचान कर उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा कर उन्हें कार्य में सुधार के लिए प्रेरित करें। अधिकारियों के निर्देशों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं निगम प्रबंधन प्रशंसनीय कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी करेगा। यह सम्मान राशि 500 रुपए प्रति कर्मचारी होगी। पहले यह राशि 300 रुपए होती थी। डिपो स्तर पर प्रति दो माह में दो चालकों, दो परिचालकों व दो कर्मशाला कर्मचारियों को उनके बेहतर कार्यकलाप के लिए प्रशस्ति पत्र व 500 रुपए नकद इनाम दिया जाएगा।
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