Tuesday, April 4, 2017

आईपीएच मंत्री के क्षेत्र में पानी का संकट

ठियोग – ठियोग के पूर्व विधायक राकेश वर्मा ने कहा है कि ठियोग शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों पानी का संकट चरम सीमा पर है, लेकिन हैरानी इस बात की है कि ठियोग से आईपीएच मंत्री होते हुए कोई ठियोग की सुध नहीं ले रहा और लोग पेयजल संकट को लेकर बेहद परेशान है। सोमवार को ठियोग में भाजपा मंडल द्वारा छह अप्रैल को भाजपा के स्थापना दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई बैठक के बाद विश्राम गृह ठियोग में पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व विधायक भाजपा नेता राकेश वर्मा ने कहा कि गर्मियां तो अभी शुरू भी नहीं हुई और हर जगह पानी का संकट शुरू हो गया है।  उन्होंने कहा कि ठियोग शहर में पांचवे दिन लोगों को पानी दिया जा रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर पानी की योजनाएं ऐसी हैं, जो कि काम नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं में मशीनरी बेहद पुरानी हो गई है जो हर समय रिपेयर के लिए भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि ठियोग के बासा, पराला, शरैंठी खड्ड, धर्मा, बगोटी, बागोधार, सभ्याल, गलू खुर्द, टिक्कर आलौ कई योजनाएं हैं, जिनसे पानी की सही सप्लाई गांव में नहीं मिल पा रही है। राकेश वर्मा ने ठियेग आईपीएच विभाग में चल रहे रिक्त पदों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि खाली पदों के कारण कई योजनाओं को आउटसोर्स करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के समय में ठियोग में एक भी हैंडपंप नहीं लगा और, जो पहले से लगाए गए थे वे भी खराब पड़े हैं। उन्होंने कहा कि ठियोग में वर्तमान सरकार द्वारा किए गए शिलान्यास व घोषणाओं को लेकर लोगों को ठगा गया है और चार साल पहले की गई घोषणाओं पर कोई काम नहीं हुआ। श्री वर्मा ने आईपीएच एवं बागबानी मंत्री विद्या स्टोक्स पर आरोप लगाया कि बागबानी विभाग उनके पास होते हुए भी ठियोग में बागबानों को कृषि बागबानी उपकरण पर अनुदान की राशि पिछले चार-पांच सालों से नहीं मिल रही। इस दौरान ठियोग भाजपा मंडल के अध्यक्ष दीपराम, उपाध्यक्ष सत प्रकाश, अमर सिंह, अश्वनी, राजेंद, राजेंद्र, दिलाराम, साधराम, देवी सिंह भोटका के अलावा कई वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल थे।

धरने के बाद आई ठियोग की याद

सोमवार को आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स द्वारा ठियोग में अस्पताल, बस स्टैंड, बाइपास आदि कार्य का निरीक्षण करने को लेकर पूर्व विधायक राकेश वर्मा ने कहा कि भाजपा द्वारा पिछले दिनों दिए गए धरने के बाद कम से कम उन्हें ठियोग की याद तो आई।


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source: DivyaHimachal

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