Wednesday, February 13, 2013

रेल विस्तार पर गंभीर सरकार


शिमला— प्रदेश सरकार राज्य में रेल विस्तार के लिए गंभीर प्रयास कर रही है, ताकि औद्योगिक क्षेत्र और किसानों-बागबानों को सुविधा के साथ-साथ पर्यटन को भी व्यापक प्रोत्साहन दिया जा सके। मुख्य संसदीय सचिव राजेश धर्माणी ने मंगलवार को नई दिल्ली में कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह स्वयं इस मामले को लेकर गंभीर हैं, क्योंकि सामरिक दृष्टि से भी प्रदेश में अधोसंरचना का विकास आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल से रेल विस्तार का मामला उठाया था और केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि रेल अधोसंरचना के विकास में प्रदेश को पर्याप्त हिस्सा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल मार्ग के निर्माण को आठ अगस्त, 2007 में प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप पूरा करने की वकालत की है। इस रेल परियोजना के कार्यान्वयन में केंद्र सरकार 75 प्रतिशत और प्रदेश सरकार 25 प्रतिशत लागत वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यह रेल मार्ग आर्थिक एवं सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। चीन से लगती हिमाचल प्रदेश की सीमा के दृष्टिगत पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग को ब्रॉडगेज कर इसका विस्तार मंडी से होते हुए लेह तक करने का आग्रह किया गया है। इसके अतिरिक्त रेल विस्तार से प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य संसदीय सचिव राजेश धर्माणी ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह से भेंट कर प्रदेश के अर्द्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों को अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का आग्रह किया।







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