रामपुर बुशहर – हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ज्यूरी स्थित उन्नू महादेव मंदिर में सैकड़ों भक्त डुबकी लगाएंगे। हर वर्ष शिमला, किन्नौर और कुल्लू जिले के हजारों श्रद्धालु उन्नू महादेव के दर्शन को पहुंचते हैं। शिमला जिले के तत्तापानी के बाद गर्म पानी के चश्मों वाला यह दूसरा ऐतिहासिक तीर्थ स्थल माना जाता है। आदि-अनादि काल से उन्नू महादेव हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बना है। गर्म पानी के कुंड में डुबकी लगाकर भक्त अपने आप को पवित्र महसूस करते हैं। बीते कई दशकों से किन्नौर, कुल्लू और रामपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालु गर्म पानी के प्राकृतिक स्रोत उन्नू महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था का परिचय देते हैं। हालांकि सरकार की अनदेखी के चलते उन्नू महादेव ज्यूरी में स्नान के लिए गर्म पानी के मात्र दो कुंड हैं। ये हर पर्व पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के हिसाब से नाकाफी है। लोग कुंड में एक साथ दर्जनों के हिसाब से डुबकी लगाने को मजबूर हैं। गर्म पानी में डुबकी मारने के पश्चात भक्त शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। यशवंत शर्मा, विजय गोस्वामी, अनिल नेगी, राज कायथ, सुभाष, नागेंद्र गोस्वामी, सतीश बुशैहरी, दिनेश, सोनू, उत्तम कायथ, गोपाल, संजय कुमार, सनम नेगी, विजय नेगी, मोनिका ठाकुर, अर्चना, पुष्पा देवी, रीतिका, पूनम शर्मा, प्रोमिला, स्नेह लता और सुषमा सहित अन्य का कहना है कि प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस पवित्र तीर्थ स्थल को विकसित करवाना चाहिए। यहां पर कई सालों से मात्र दो कुंड बनाए गए हैं, जबकि अब यहां ज्यादा लोग आ रहे हैं। यहां पर सरकार को कुंड और नहाने के लिए बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता पर बल देना चाहिए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। बहरहाल ऐतिहासिक तीर्थ स्थल उन्नू महादेव में गर्म पानी के चश्मे में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य कमाएंगे।
सुविधाओं के लिए प्रयास करे पर्यटन विभाग
अभी भी उन्नू महादेव मंदिर में कई आधारभूत सुविधाओं की खासी कमी है। मंदिर को दार्शनिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार व पर्यटन विभाग को प्रयास करने चाहिएं, ताकि यहां पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें। साथ ही उन्नू महादेव की ख्याति प्रदेश व देश में बनी रहे। इसके लिए उन्नू के बारे में ज्यादा से ज्यादा प्रचार करना चाहिए और साथ ही यहां के रास्तों और सड़कों की मरम्मत करवाने के साथ-साथ यात्रियों के ठहरने के लिए भी उचित सुविधाएं मुहैया करवा चाहिए,तभी यहां के पर्यटन को पंख लगेंगे।
^पूरी खबर पढ़े: source - DivyaHimachal
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