भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट की बड़ी जीत

रामपुर बुशहर —  श्री भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन ने अवैध रूप से कब्जाई हुई करीब चार करोड़ के बाजार मूल्य की जमीन को वापस लेने में सफलता हासिल की है। प्रबंधन ने कहा कि करीब 2-16 बीघा जमीन को गलत तरीके से रोहड़ू स्थित लंबू अखाड़ा मंदिर की जमीन को मिलकीयत के तौर पर दे दिया गया था। इस मामले को ट्रस्ट के मंदिर अधिकारी बालक राम नेगी ने बड़े तथ्यों के साथ शिमला स्थित वित्तायुक्त के समक्ष इस जमीन का मामला रखा और वित्तायुक्त ने इस जमीन पर मंदिर का हक बताया। ऐसे में अब यह जमीन ट्रस्ट के पास वापस आ जाएगी। ट्रस्ट इस फैसले को बड़ी जीत मान रहा है। प्रबंधन ने कहा कि मंदिर अधिकारी को इसका पूरा श्रेय जाता है। यहां गौर करने वाली बात ये है कि इस तरह के करीब दर्जन भर मामले विचाराधीन हैं। गौरतलब है कि भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट के पास करीब दस मंदिर आते हैं, जिसमें अधिकतर रामपुर में हैं, जबकि रोहड़ू का लुंबू अखाड़ा मंदिर ट्रस्ट के पास है। जानकारी के मुताबिक रोहड़ू में मंदिर की जमीन पर काफी लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। ऐसे ही मामले रामपुर में भी हैं, जिस पर मंदिर अधिकारी लगातार आवाज उठाता आ रहा है। मंदिर अधिकारी का कहना है कि वह जब तक ट्रस्ट में इस पद पर तैनात हैं तब तक वह मंदिरों में हो रहे अवैध अतिक्रमण को रोकते रहेंगे और, जिन लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। उसके खिलाफ लड़ाई चलती रहेगी। मंदिर अधिकारी बालक राम नेगी ने कहा कि मंदिरों को न्यायालय ने नाबालिग करार दिया है। यानी मंदिर की जमीन को कोई भी अपने कब्जे मे नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि आज नहीं तो कल मंदिर की कब्जाई गई जमीन को ट्रस्ट वापस लेकर ही रहेगा। ऐसे में उन जमीन पर खर्चा करना लोगों की बेबकूफी है। उन्होंने कहा कि अब न्यायालय मंदिरों पर किए गए अवैध कब्जों को लेकर सख्त हो गया है। उन्होंने कहा कि हर मामले को उच्च न्यायालय के समक्ष तथ्यों के साथ रखा जाएगा, ताकि मंदिर की जमीन को वापस लिया जाए।


^पूरी खबर पढ़े: source - DivyaHimachal

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