प्राइवेट स्कूलों से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

शिमला— केंद्र के निर्देशों के बाद शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी सर्कुलर के आधार पर जिला उपनिदेशक शिमला (उच्च) ने जिलाभर में चल रहे सभी निजी स्कूलों को स्टेटस रिपोर्ट विभाग को देने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि स्कूलों को आरटीई के तमाम नियमों के मुताबिक किए गए प्रावधानों के साथ ही यह भी बताना होगा कि स्कूलों में जो शिक्षक तैनात किए गए हैं वह केंद्र के निर्देशों के मुताबिक आरटीई के मुताबिक शैक्षणिक योग्यता पूरी करते हैं या नहीं। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार विभाग ने यह निर्देश निजी स्कूलों को दिए हैं। इसके तहत स्कूलों को स्कूल का फीस स्ट्रक्चर, शिक्षकों की संख्या, उनकी शैक्षणिक योग्यता, छात्रों का दी जा रही सुविधाओं का ब्यौरा शिक्षा विभाग को देना होगा। इसके बाद विभाग सरकार को नीजि स्कूलों की स्टेटस रिपोर्ट सौंपेगा। उपनिदेशक उच्च शिमला डा. राजेश्वरी बत्ता ने बताया कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सभी स्कूलों को यह  सूचना देनी होगी। उन्होंने इसके लिए स्कूलों को दो दिन का समय दिया है। इस तय अवधि में स्कूलों को ये रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि विभाग की वेबसाइट में भी इस संबंध में सूचना डाली गई है, लेकिन अभी तक जिला के स्कूलों ने इस संबंध में रिपोर्ट नहीं भेजी है। इसके चलते विभाग ने स्कूलों को यह रिमाइंडर जारी किया है। गौर हो कि हाल ही में कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने इस संबंध में कमेटी बनाई थी। इस कमेटी का कार्य जिला के निजी स्कूलों में दी जा रही सुविधाओं व उनका स्टेटस संबंधी जानकारी इकट्ठा करना था। हाल ही में केंद्र की ओर से भी आरटीई एक्ट के तहत यह निर्देश जारी किए थे कि सभी शिक्षकों को 2019 तक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होगी। विभाग की ओर से जुटाई गई जानकारी के मुताबिक सरकारी स्कूलों में करीब आठ सौ और निजी स्कूलों में दो हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो आरटीई नियमों के तहत न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को पूरा नहीं करते।

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