बिलासपुर – आवारा पशुओं व जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने में असफल रही सरकार व जिला प्रशासन के विरुद्ध हिलोपा ने न्यायालय में दस्तक दे दी है। इस बाबत हिलोपा द्वारा सिविल जज जूनियर डिवीजन के पास जनहित याचिका दायर कर दी गई है, जिसमें डीसी बिलासपुर, एडीएम, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, डीएफओ व अधिशाषी अभियंता डिवीजन नंबर-1 लोक निर्माण विभाग को पार्टी बनाया गया है। यह खुलासा शुक्रवार को हिलोपा के जिला प्रधान डीआर शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए किया। उन्होंने बताया कि याचिका प्रवक्ता केश पठानिया, प्रेस सचिव एसपी गौतम व युवा सेना के प्रधान विनोद राणा द्वारा दायर की गई है। प्रवक्ता केश पठानिया ने कहा कि शहर में आवारा पशुओं ने अभी तक दो लोगों की जान ले ली है और दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं। इसके अलावा आवारा पशु कई निजी व सरकारी गाडि़यों को तोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या बारे जिला प्रशासन व सरकार को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन आज दिन तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है, जिससे उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटकाने के लिए विवश होना पड़ा। उन्होंने बताया कि लोगों को भी इस बाबत जागरूक करने के लिए 27 जनवरी से अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत हिलोपा लोगोें के घर-घर जाकर प्रभावितों से न्यायालय में अपना पक्ष रखने की अपील करेगी। उन्होंने बताया कि शहर में अभियान पूरा करने के बाद हिलोपा ग्रामीण क्षेत्रों की ओर रुख करेगी। पत्रकारों से बातचीत में एसपी गौतम व विनोद राणा भी उपस्थित थे।
from Divya Himachal
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