क्यों शुरू नहीं हुआ क्लस्टर यूनिवर्सिटी का काम

एमएचआरडी ने प्रदेश सरकार से मांगा जवाब, बजट खर्च न करने पर शिक्षा अधिकारियों की क्लास

शिमला —प्रदेश में क्लस्टर यूनिवर्सिटी एक्ट शुरू करने के लिए भारत सरकार ने निर्देश जारी कर दिए हैं। एमएचआरडी ने कहा है कि मंडी जिला के चार कालेजों को मार्च महीने से क्लस्टर विवि में शामिल नहीं किया गया है, जबकि इस बारे में बहुत पहले निर्देश जारी किए जा चुके थे। एमएचआरडी ने सोमवार को इस बारे में हिमाचल सरकार और शिक्षा अधिकारियों से जवाब-तलब किया। इसके साथ ही अभी भी रूसा के तहत प्रोजेक्ट्स पर धीमी गति से हो रहे कार्यों पर निराशा जताई। प्रदेश में बनने वाले क्लस्टर विश्वविद्यालय के कार्य में हो रही देरी पर एक बार फिर एमएचआरडी ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। सोमवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश सरकार ने क्लस्टर यूनिवर्सिटी की स्टेटस रिपोर्ट प्रदेश सरकार के समक्ष रखी। एमएचआरडी ने क्लस्टर यूनिवर्सिटी का कार्य अभी तक शुरू न होने की वजह प्रदेश सरकार से पूछी है, जिसके जवाब में प्रदेश सरकार ने कहा है कि मंडी में क्लस्टर विश्वविद्यालय की निर्माण कार्य के लिए आधारशिला रख दी गई ह। इसके निर्माण के लिए राशि पीडब्ल्यूडी विभाग को जारी कर दी गई है, लेकिन विभाग की ओर से निर्माण कार्य में देरी की जा रही है। यही वजह है कि अभी तक क्लस्टर विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य प्रदेश में शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि प्रदेश सरकार के इस जवाब से एमएचआरडी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हो पाया है और निर्देश जारी किए हैं कि क्लस्टर यूनिवर्सिटी का कार्य जल्द पूरा कर इस विश्वविद्यालय को सुचारू रूप से चलाया जाए। इसके साथ ही भारत सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि क्लस्टर यूनिवर्सिटी एक्ट 2017 को भी प्रदेश में लागू किया जाए, जिससे कि क्लस्टर यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चल सके। दो नवंबर को दिल्ली में एमएचआरडी के साथ हुई बैठक में क्लस्टर यूनिवर्सिटी को लेकर रिपोर्ट प्रदेश सरकार से मांगी गई थी, जिसके बाद पांच नवंबर को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली बैठक में यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को पेश करनी थी। प्रदेश सरकार को बजट खर्च न करने पर भी फटकार लगी है। सोमवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से डिप्टी सेक्रेटरी नवीन कपूर और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों ने एमएचआरडी के समक्ष क्लस्टर यूनिवर्सिटी का मामला रखा। भारत सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि 30 नवंबर तक क्लस्टर यूनिवर्सिटी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाए और साथ ही रूसा से जुड़ी योजनाओं पर भी रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके बाद 30 नवंबर को यह रिपोर्ट एमएचआरडी के समक्ष पेश की जाएगी।

मंडी कालेज लीड पर

मंडी कालेज को क्लस्टर विश्वविद्यालय का लीड कालेज बनाया है। यहां स्कूल ऑफ लॉ स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स, स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर प्लानिंग, स्कूल ऑफ टीचर एजुकेशन, स्कूल ऑफ जियोफिजिकल साइंस, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट विभाग खोले जाएंगे।

बहुत से फायदे

नियमानुसार विवि के अधीन सौ कालेज होने चाहिए, जबकि एचपीयू के अंडर 350 के करीब कालेज एफिलिएटिड हैं। क्लस्टर विवि बन जाने के बाद परीक्षाओं के आयोजन से लेकर परिणाम घोषित करने तक के कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। एचपीयू में सीटें सीमित होने के चलते कई छात्रों को पीएचडी में एडमिशन नहीं मिल पाती। क्लस्टर विवि के रूप में पीएचडी के लिए अतिरिक्त ऑप्शन मिलेगा। खैर अगर आगामी समय में क्लस्टर विवि को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तो जारी ग्रांट पर भी संकट आ सकता है।

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Courtsey: Divya Himachal
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