जिला कांगड़ा के बैजनाथ मंडल में इस वक्त करीब 150 मीटरों की जरूरत है। जिला शिमला के ठियोग मंडल के छैला अनुभाग में ही अकेले 50 मीटर चाहिए। यही हालात पूरे प्रदेश में बने हुए हैं। यह तो उन मीटरों की बात है, जाे लोगों ने लगाने हैं। जलशक्ति विभाग को पेयजल और सिंचाई योजनाओं के लिए भी बिजली के मीटर नहीं मिल रहे हैं। इसके लिए बिजली बोर्ड के पास बजट भी जमा है। अधिकारी कह रहे हैं कि अभी स्मार्ट मीटर आने हैं। ऐसे में अभी इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में उन मामलों में ज्यादा दिक्कत आ रही है, जहां पर मीटर जल गए हैं।बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा ने कहा कि मीटर लगाने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। राज्य में मीटरों की कमी पर कहा कि जहां जरूरत है, वहां मीटर भेजे जाते हैं।
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Tuesday, October 24, 2023
Himachal Electricity Board: जल्दी कनेक्शन चाहिए तो बिजली का मीटर खरीदकर लाएं, जानें पूरा मामला
हिमाचल प्रदेश में बिजली के मीटर लगाने हैं तो लोगाें को खुद खरीदकर लाने की सलाह दी जा रही है। अगर लोग जल्दी कनेक्शन लगाने की जिद्द कर रहे हैं तो अधिकारी उन्हें खुद ही मीटर खरीदकर लाने को कह रहे हैं। कई लोग सचमुच खुद मीटर खरीद रहे हैं। एक मीटर 800 रुपये तक मिलता है। इसकी ओके टेस्ट रिपोर्ट भी साथ लानी पड़ रही है। राज्य बिजली बोर्ड के पास दरअसल मीटर खत्म हो गए हैं। बोर्ड के अधिकारियों को अभी स्मार्ट मीटर आने का इंतजार है। इससे प्रदेश में कई पेयजल, सिंचाई आदि की योजनाओं में भी मीटर नहीं लगाए जा पा रहे हैं। राज्य में बिजली के मीटरों की भारी कमी चल रही है।
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